मध्यप्रदेश चुनाव: कांग्रेस ने CM शिवराज के खिलाफ पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को बनाया उम्मीदवार, अरुण बोले- यह लड़ाई असली और नकली किसान पुत्र के बीच होगी

Congress fields Arun Yadav against CM Shivraj

मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। जहां एक तरफ राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपनी सत्ता बचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश में जुटी है।

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी के नेताओं को घेरने के लिए कारगर रणनीति बना रही है। जिसके चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ कांग्रेस ने अपने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को बुधनी विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया है।

न्यूज एजेसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से गुरुवार रात जारी सूची में अरुण यादव का नाम है। अरुण यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष हैं। शुक्रवार को अपने भाई सचिन यादव के साथ बुधनी पहुंचकर अरुण ने शिवराज सिंह के खिलाफ नामांकन दाखिल किया। बता दें कि, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोटिंग की जाएंगी, जबकि वोटो की गिनती 12 दिसंबर को होगी।

फ़र्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, वहीं, अरुण यादव ने नामांकन भरने के बाद मुख्यमंत्री चौहान पर बड़ा हमला बोला। अरुण यादव ने कहा कि हम शिवराज सिंह चौहान को हराएंगे। मुझे इस बात की खुशी है कि पार्टी ने मुझे इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी है। हम लोग बुधनी जीतेंगे।

उन्होंने कहा कि हम शिवराज जी से लैंड माफिया, किसानों की आत्म हत्या और रेप के मामलों पर सवाल करेंगे। हम बीजेपी का पर्दाफाश भी करेंगे। शुक्रवार को सीहोर जिले की बुधनी से सीट से नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा कि मुझे मां नर्मदा ने अपनी रेत में हुए अवैध उत्खनन के 1-1 कण व भ्रष्टाचार का हिसाब लेने के लिए बुधनी बुलाया है।

मैं शिवराज को घेरने नहीं, पूरे दृढ़विश्वास के उन्हें हराने आया हूं। पूरी पार्टी मेरे साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अरुण यादव ने कहा, यह लड़ाई किसान के नकली और असली पुत्र के बीच होगी।

Congress fields Arun Yadav against CM Shivraj

अरुण ने कहा, शिवराज कैबिनेट में 18 मंत्री खेती करने वाले हैं जिनकी आय कृषि के कारण पिछले 4 सालों में 144 प्रतिशत बढ़ी है। ऐसा 11 प्रत्याशियों के हाल ही में भरे नामांकन में सामने आया है। यदि यह सच है तो सीएम बताएं प्रदेश में उनके कार्यकाल में अब तक 36 हजार किसानों ने आत्महत्या क्यों की?

उन्होंने शिवराज सिंह चौहान से सवाल पूछा, प्रदेश में सबसे अधिक आत्महत्या करने वाले किसान उनके गृह जिले सीहोर के ही क्यों है? पिछले 14 सालों में शिवराज ने बुधनी के कितने युवाओं को रोजगार दिया?

अरुण यादव ने कहा, राहुल जी ने जो विश्वास दिखाया उसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश अध्यक्ष पद पर रहते हुए जनता के दुख दर्द का सहभागी बना हूं और जनता के दुःख को बहुत करीब से देखा है। मैं किसानों, युवाओं और महिलाओं की लड़ाई आखरी सांस तक लड़ता रहूंगा।

बता दें कि, अरुण यादव खंडवा से दो बार सांसद भी रह चुके हैं। 2014 लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। अरुण यादव की एक और पहचान है, वे मध्य प्रदेश के कद्दावर कांग्रेसी नेता सुभाष यादव के बेटे हैं।

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