मोदी सरकार ने RBI से मांगे 3.6 लाख करोड़, कांग्रेस ने की कड़ी निंदा- चुनावी फायदे के लिए RBI को नष्ट कर रही सरकार

Modi govt wants 3.6 cr from RBI

केंद्र की सत्तारूढ नरेंद्र मोदी सरकार रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) में हस्तक्षेप को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। बता दें कि, केंद्र सरकार और आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के बीच लगातार तनाव की स्थिति बन रही है। बताया जा रहा है कि, आरबीआई के काम में सरकार की दखलअंदाजी और नीतिगत मुद्दों को लेकर मतभेद है। हाल ही में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने भी बताया था कि, सरकार आरबीआई के काम में दखल दे रही है जिससे बैंकों की स्वायत्तता पर असर पड़ रहा है, जोकि ठीक नहीं है।

मोदी सरकार ने RBI से मांगे 3.6 लाख करोड़

इसी बीच, आरबीआई और केंद्र सरकार के बीच टकराव की बड़ी वजह सामने आ गई है। दरअसल, दोनों के बीच तल्खी की वजह सरकार का एक प्रस्ताव रहा, जिसमें वित्त मंत्रालय ने आरबीआई से रिजर्व पूंजी में से सरप्लस के 3.6 लाख करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव रखा था, जो कि कुल सरप्लस 9.59 लाख करोड़ का एक तिहाई है। हालांकि आरबीआई ने सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और दलील दी कि इससे माइक्रो इकोनॉमी को खतरा हो सकता है।

खबर के मुताबिक, ये पैसे सरकार को दिए जाने से अर्थव्यवस्था में अस्थिरता पैदा होने का ख़तरा था और यही वजह है कि रिज़र्व बैंक ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इससे पहले 2017-18 में वित्त मंत्रालय ने पूंजी की ज़रूरत का हवाला देते हुए रिज़र्व बैंक से उसके पसा जमा कुल धनराशि मांगी थी और तब भी आरबीआई ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था।

चुनावी फायदे के लिए आरबीआई को नष्ट कर रही मोदी सरकार- कांग्रेस 

Congress slams Modi Govt
Congress slams Modi Govt
Modi govt wants 3.6 cr from RBI

नवजीवन की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने मोदी सरकार द्वारा आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये की रकम मांगे जाने की कड़ी निंदा की है। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस से बात करते हुए कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार के इस कदम से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने फायदे के लिए देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना चाहती है।

मनीष तिवारी ने कहा कि सेक्शन-7 का इस्तेमाल कर मोदी सरकार आरबीआई के फंड को हथियाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा आरबीआई पर डाका डालना है। तिवारी के मुताबिक, मोदी सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए 3.6 लाख करोड़ लेना चाहती है ताकि 2019 के चुनाव में चुनावी रेवडी बांट सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ऐसा कदम 1934 से लेकर अब तक किसी भी सरकार ने नहीं उठाया है।तिवारी ने कहा कि अगर मोदी सरकार ने आरबीआई के पास मौजूद साढ़े नौ लाख करोड़ में से केंद्र सरकार 3.6 लाख करोड़ लेती है तो इससे निवेशकों का हौसला टूट जाएगा।

कांग्रेस नेता ने कहा, “अर्जेंटीना में एक बार ऐसा यह हुआ था। नतीजा, आज तक वहां की अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। गलत नीतियों के कारण सरकार का खर्च बढ़ रहा है।”

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