बिहार में पुलिस पर बड़ी कार्यवाई, अनुशासनहीनता के आरोप में एक साथ 175 कांस्टेबल बर्खास्त, 90 से अधिक का हुआ ट्रांसफर

Bihar 175 cops suspended

बिहार में पहली बार अनुशासनहीनता के आरोप में 175 पुलिस कांस्टेबल को सेवा से बरखास्त कर दिया गया है। दरअसल, इन सबने शुक्रवार (2 नवंबर) को बिहार की राजधानी पटना के पुलिस लाइन में एक ट्रेनी महिला सिपाही की मौत के बाद जमकर हंगामा किया था। साथ ही अधिकारियों की पिटाई में भी शामिल थे। इसके अलावा इन लोगों ने सरकारी वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया था। जिसके बाद यह बड़ी कार्यवाई की गई है।

Big action on Bihar police.jpg
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खबर के मुताबिक,  न्यू पटना पुलिस लाइन में शुक्रवार को डेंगू से महिला आरक्षी सविता पाठक की मौत के बाद कार्यालयों में घुसकर अधिकारियों को पीटने, तोडफ़ोड़ और जमकर उपद्रव की घटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संज्ञान लेने पर जांच के बाद आरोपित पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 167 प्रशिक्षु कांस्टेबलों सहित 175 कांस्टेबलों को बर्खास्त कर दिया गया।

bihar-police-suspension (ANI)
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रविवार को पटना रेंज के आइजी नैय्यर हसनैन खान ने प्रारंभिक जांच के आधार कार्रवाई रिपोर्ट डीजीपी केएस द्विवेद्वी को सौंपी। एन एच खान ने बताया, “साक्ष्य के आधार पर 167 प्रशिक्षु कांस्टेबल और आठ सिपाही बर्खास्त किए गए हैं। उपद्रव मामले में अभी कई पहलुओं पर छानबीन जारी है। दो से तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, इसके अलावा 27 हवलदारों को भी निलंबित कर दिया गया है। इतना ही नहीं 93 ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान कर उन्हें पटना प्रक्षेत्र से स्थनांतरित करने की बात कही गई है, जो वर्षो से पटना प्रक्षेत्र में पदस्थापित हैं। इसमें 20 से ज्यादा पुलिस अधिकारी बताए जा रहे हैं। बता दें कि, अनुशासनहीनता के आरोप में बर्खास्त नवनियुक्त आरक्षियों में 78 महिलाएं और 89 पुरुष हैं।

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Big action on Bihar police 175 cops suspended

क्या है मामला?

जनता का रिपोर्टर की खबर के मुताबिक, दरअसल, दो नवंबर को सीवान की रहने वाली प्रशिक्षु महिला कांस्टेबल सविता कुमारी पाठक की मौत के बाद सिपाहियों ने पुलिस लाइन में उपद्रव किया था। कई पुलिस अधिकारियों को पीटा गया था तथा कई सरकारी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इस दौरान पर सड़क पर आम लोगों को भी निशाना बनाया गया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नाराज पुलिसकर्मियों ने नगर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक और सार्जेंट मेजर की भी पिटाई की। इतना ही नहीं आरोप है कि लाठी और डंडे से लैस पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को भी खदेड़ दिया और गाड़ियों को तोड़ डाला। इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी निशाना बनाया गया।

Big action on Bihar police
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इसके बाद नाराज पुलिसकर्मी सड़क पर उतर गए और जमकर उत्पात मचाया। वहीं, जब आम लोग आक्रोशित हुए तब सभी पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में लौट गए। इस दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ। आक्रोशित पुलिसकर्मियों का आरोप था कि उन्हें छुट्टी तक नहीं दी जाती है।

पुलिसकर्मियों का आरोप है कि मृतका का भी छुट्टी न मिलने के कारण सही ढंग से इलाज नहीं हो पाया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद बाद में एसएसपी मनु महाराज ने इस मामले के दोषी लोगों पर कार्रवाई कराने की बात कही और फिर एक जांच कमिटी को दोषियों का पता लगाने और मामले की तफ्तीश करने की जिम्मेदारी दी गई थी। राज्य सरकार का मानना है कि जिस तरह से हिंसा खुद वर्दी पहनकर पुलिसकर्मियों ने खासकर महिला सिपाहियों ने अंजाम दिया वो काफी चिंता का विषय था।

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