मध्यप्रदेश चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका, शिवराज सिंह के साले संजय सिंह ने थामा कांग्रेस का हाथ, बोले- ‘बीजेपी में कामदार नहीं बल्कि नामदार को महत्व मिल रहा है’

Shivraj Singh brother in law Sanjay Singh joins Congress

मध्य प्रदेश में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की पत्नी साधना सिंह के भाई संजय सिंह ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। संजय सिंह ने शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस में शामिल होने का ऐलान किया।

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक,  संजय ने शनिवार को कांग्रेस के दिल्ली स्थित कार्यालय में पहुंचकर विधिवत रूप से पार्टी की सदस्यता ली। कांग्रेस की सदस्यता लेते वक्त उनके साथ कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे। कांग्रेस में शामिल होने पर संजय सिंह ने कमलनाथ की खूब तारीफ भी की।

कमलनाथ की तरीफ करते हुए संजय सिंह ने कहा कि अब एमपी को शिवराज की नहीं कमलनाथ की जरूरत है। शिवराज के साले संजय ने इस मौके पर बीजेपी पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “बीजेपी में कामदार नहीं बल्कि नामदार को महत्व मिल रहा है, राज्य में बदलाव जरूरी हो गया है।”

संजय सिंह ने कहा, “बीजेपी में अब वंशवाद और भाई भतीजावाद का बोलबाला है। बीजेपी की ओर से अधिकतर उम्मीदवार सांसद और विधायक के पुत्र या पुत्री हैं। जो पार्टी के लिए काम कर रहा है, उसे वंशवाद की राजनीतिक के लिए दरकिनार किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “बेरोजगारी का बढ़ना और उद्योगों का अभाव राज्य में दो बड़ी समस्या है और शिवराज सरकार ने इन सालों में कुछ नहीं किया है।”

Shivraj Singh brother in law Sanjay Singh joins Congress

वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा, मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सगे साले संजय सिंह भाजपा छोंडकर कांग्रेस मे शामिल हो गये हैं। कमलनाथ जी के नेतृत्व और छिंदवाडा के विकास से प्रभावित होकर लिया निर्णय। वहीं, शिवराज के लिए कहा, अपने बच्चों के मामा को भी विश्वास नही दिला पाये शिवराज मामा। यह भाजपा की हार का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

संजय सिंह के कांग्रेस में शामिल होते ही कयास लगाए जा रहे हैं कि वह बुधनी सीट पर अपने बहनोई के खिलाफ चुनाव लड़ सकते है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बताया जा रहा है कि संजय सिंह टिकट न मिलने के चलते अपने जीजा और पार्टी से नाराज थे।

बता दें कि 28 नवंबर को मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। बीजेपी ने अभी तक 177 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। जबकि कांग्रेस की तरफ से अभी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि कांग्रेस पिछले 15 साल से मप्र में सत्ता से बाहर है। इस बार माना जा रहा है कि प्रदेश में शिवराज सिंह के खिलाफ एक माहौल है। कांग्रेस इसी माहौल का फायदा उठाना चाहती है। राहुल गांधी इस चुनाव प्रचार में पूरी तरह से सक्रिय हैं।

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